45. मूँगफली की माँग || मूँगफली पोषक तत्वों प्रोटीन, विटामिन E, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है।
मूँगफली पोषक तत्वों प्रोटीन, विटामिन E, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है।
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| 45. मूँगफली की माँग |
45. मूँगफली की माँग
मूँगफली को बोलचाल की भाषा में सभी लोग चीनियाँ बादाम भी कहते हैं। इस चीनियाँ बादाम को छिलका सहित बालू में भूजकर उसे फोड़कर खाते हैं या पहले इसे छिलका से निकालकर तेल या बालू में (भूंजकर) भँजकर खाते हैं। भँजने से इसका बहुतांश पौष्टिक तत्त्व नष्ट हो जाता है। पौष्टिक तत्त्व नष्ट न हो, इसके लिए कुछ लोग इस मूँगफली को छिलका से निकालकर रात में पानी में भींगने देते हैं और प्रातःकाल कुल्ला आचमन करने के पश्चात् दाँत से चबा-चबाकर खाते हैं। इस तरह खाने से पेट साफ रहता है, कब्ज दूर करता है।
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| प्रेरक संत-संस्मरण |
प्रेरक संत-संस्मरण : 'प्रेरक संत-संस्मरण' में संतों के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियाँ और उनके उपदेश शामिल किया गया हैं, जो लोगों को जीवन में अच्छे कर्म करने और सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। ये संस्मरण अक्सर संतों के अनुभवों, उनके शिष्यों और समाज पर उनके प्रभाव को दर्शाते हैं, जिससे व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इस पुस्तक में पूज्य गुरुदेव की डायरी से उनके हस्तलिखित संत-महापुरुषों की जीवनी को भी सबके पढ़ने, समझने योग्य बनाने के लिए उसे भारती अंकन रूप एवं कठिन शब्दों को सरल रूप में दिया गया है । इसमें गुरु महाराज हस्तलिखित कई महापुरुषों के संक्षिप्त जीवन परिचय है और बहुत सारे भजन है, जिसे हू-ब-हू उन्हीं के लिखित अक्षर में प्रकाशित किया गया है और समझने के लिए भारती नागरी लिपि में भी उसका ट्रांसलेट किया गया है। यह पुस्तक भी गुरुदेव की डायरी का है छोटा रूप है। इसमें डायरी के सभी बातों के साथ-साथ गुरु महाराज के बहुत सारे संस्मरण भी दिये गये हैं। ( ज्यादा जाने )
Reviewed by सत्संग ध्यान
on
1/02/2026
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