Ad

Ad

शब्दकोष-13 कथित - कुल्ल मालिक तक के शब्दों के शब्दार्थादि || संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष

 संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष / क

     प्रभु प्रेमियों ! ' संतमत+ मोक्ष - दर्शन का शब्दकोश ' नाम्नी प्रस्तुत लेख में ' मोक्ष - दर्शन ' + 'महर्षि मेंहीं पदावली शब्दार्थ भावार्थ और टिप्पणी सहित' + 'गीता-सार' + 'संतवाणी सटीक' आदि धर्म ग्रंथों में गद्यात्मक एवं पद्यात्मक वचनों में आये शब्दों के अर्थ लिखे गये हैं . कोष्ठकों में शब्दों के व्याकरणिक परिचय भी देने का प्रयास किया गया है और शब्दों से संबंधित कुछ सूक्तियों का संकलन किया गया है. जो पूज्यपाद लालदास जी महाराज द्वारा लिखित व संग्रहित  है । धर्मप्रेमियों के लिए यह कोष बड़ी ही उपादेय है । आईए इस कोष के बनाने वाले महापुरुष का दर्शन करें.

एकचित्त - ओर  तक के शब्दों का अर्थ पढ़ने के लिए   👉  यहां दवाएं

सद्गुरु महर्षि में और बाबा लाल दास जी
लालदास जी और गुरु बाबा

कथित - कुल्ल मालिक   शब्द  तक के शब्द और उसके अर्थ


कथित - कुल्ल मालिक



कथित ( सं ० , वि ० ) = कहा हुआ । 

कदापि ( सं ० , क्रि ० वि ० ) = कभी , कभी भी । 

कम ( फा ० , वि ० ) = थोड़ा , अल्प ।

कमी ( फा ० , स्त्री ० ) = कम ( थोड़ा ) होने का भाव , थोड़ापन , अभाव , हानि । 

कम्प ( सं ० , पुं ० ) = कम्पन , किसी पदार्थ के काँपने या हिलने - डुलने की क्रिया । 

कम्पमय ( सं ० , वि ० ) = कम्पन से भरा हुआ , कम्पन से युक्त ( पुं ० ) शब्द जो कम्पनमय होता है । 

कर ( सं ० , पुं ० ) = हाथ , हाथी की सूँड़ , किरण ( विभक्ति ) का , के , की । ( वि ० ) करनेवाला । ) 

करम ( अ ० , पुं ० ) = दया , कृपा । 

करम बख्शिश ( अ ० फा ० , स्त्री ० ) = दया दान । 

करुणा ( सं ० , स्त्री ० ) = दया । 

कर्त्तव्य कर्म ( सं ० , पुं ० ) करनेयोग्य कर्म , उचित कर्म ।

कर्मेन्द्रिय ( सं ० , स्त्री ० ) = वह इन्द्रिय जिससे कोई काम किया जाता है ; जैसे हाथ , पैर , मुँह , गुदा और लिंग । 

कल्पना ( सं ० , स्त्री ० ) चिन्तन , सोच - विचार , अनुमान ।

काज ( हिं ० , पुं ० ) = कार्य , काम । 

काम ( सं ० , पुं ० ) = कामना , इच्छा , काम - वासना , मन के छह विकारों में से एक जिससे प्रेरित होकर स्त्री - पुरुष एक दूसरे की ओर खिंचते हैं । 

कामिल ( अ ० , वि ० ) = पूर्ण, पूरा , पहुँचा हुआ , निपुण ।

कारण ( सं ० , पुं ० ) = हेतु , प्रयोजन ,  जिससे कुछ बने या उत्पन्न हो ; कारण की खानि ( स्त्री ० ) जैसे घड़े का कारण मिट्टी है । महाकारण मंडल , साम्यावस्था धारिणी जड़ात्मिका मूल प्रकृति ।

कारण मंडल ( सं ० , पुं ० ) = वह मंडल जिससे सूक्ष्म मंडल बना है । 

कारण - रूप ( सं ० , पुं ० ) = विकृति , महाकारण का विक्षुब्ध भाग जिससे विश्व - ब्रह्माण्ड बनता है । ( वि ० ) कारण बना हुआ , जो किसी कार्य का कारण हो । 

किसने मूँड़ा = किसने संन्यासी बनाया , किसने दीक्षित किया ।  (श्रीचंद वाणी

किसने मुँड़ाया = किसकी प्रेरणा से संन्यासी हुआ । (श्रीचंद वाणी

किंचित् मात्र ( सं ० , वि ० ) बहुत ही थोड़ा । 

कुंभक ( सं ० , पुं ० ) = प्राणायाम की एक क्रिया जिसमें नाक से भीतर खींची गयी वायु को भीतर कुछ देर तक रोककर रखा जाता है । 

कुल्ल मालिक ( अ ० कुल मालिक , वि ० ) = सबका स्वामी । ( पुं ० ) परमात्मा ।


कुल्ल मालिक - क्रम-क्रम    तक के शब्दों का अर्थ पढ़ने के लिए   👉  यहां दवाएं


     प्रभु प्रेमियों ! संतमत की बातें बड़ी गंभीर हैं । सामान्य लोग इसके विचारों को पूरी तरह समझ नहीं पाते । इन पोस्टों  में संत , संतमत , संतमत की उपयोगिता , जड़ प्रकृति , चेतन प्रकृति , आदिनाद , सृष्टि - क्रम , सृष्टि के मंडल , जीव , ब्रह्म , ईश्वर , परमेश्वर , ईश्वर की भक्ति , परम मुक्ति , संतमत की साधना - पद्धतियों ( मानस जप , मानस ध्यान , दृष्टियोग तथा शब्द - साधना ) , साधना - पद्धतियों के अभ्यास से उत्पन्न अनुभूतियों , सद्गुरु की महत्ता , यम - नियम , साधकों के आहार-विहार, सत्संग,  कथित, कदापि, कम, कमी, कम्प, कंपमय, कर, कर्म, कर्म बक्शीश, करुणा, कर्तव्य कर्म, कर्मेंद्रिय, कल्पना, काज, काम, कामिल, कारण, कारण की खानी, कारण मंडल, कारण-रूप, किंचित मात्र, कुंभक, कुल मालिकआदि से संबंधित बातों पर चर्चा की गई हैं । 



मोक्ष दर्शन का शब्दकोश
मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष 

प्रभु प्रेमियों ! बाबा लालदास कृत  ' मोक्ष - दर्शन का शब्दकोश ' के बारे में विशेष जानकारी तथा इस पुस्तक को खरीदने के लिए   👉 यहां दबाएं


सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की पुस्तकें मुफ्त में पाने के लिए  शर्तों के बारे में जानने के लिए   यहां दवाएं

---×---

शब्दकोष-13 कथित - कुल्ल मालिक तक के शब्दों के शब्दार्थादि || संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष शब्दकोष-13   कथित - कुल्ल मालिक   तक के शब्दों के शब्दार्थादि  ||  संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष Reviewed by सत्संग ध्यान on 12/13/2021 Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

सत्संग ध्यान से संबंधित प्रश्न ही पूछा जाए।

Popular Posts

Ad

Blogger द्वारा संचालित.