सत्संग ध्यान समाचार

सत्संग न्यूज़
समाचार लोड हो रहे हैं...
ध्यान न्यूज
जानकारी लोड हो रही है...

Ad1

Results for MMP

S01, 5. आंतरिक और बाहरी इन्द्रियाँ और ईश्वर का वास्तविक स्वरूप || हमारी आंतरिक और बाहरी इन्द्रियाँ

आंतरिक और बाहरी इन्द्रियाँ और ईश्वर का वास्तविक स्वरूप      प्रभु प्रेमियों  !  हमारे धर्मग्रंथों और उपनिषदों में ईश्वर और इन्द्रियों के संब...
- 7:15:00 am
S01, 5. आंतरिक और बाहरी इन्द्रियाँ और ईश्वर का वास्तविक स्वरूप || हमारी आंतरिक और बाहरी इन्द्रियाँ S01, 5. आंतरिक और बाहरी इन्द्रियाँ और ईश्वर का वास्तविक स्वरूप  ||  हमारी आंतरिक और बाहरी इन्द्रियाँ Reviewed by सत्संग ध्यान on 7:15:00 am Rating: 5
S02, 11. ​विश्व शांति और एकता का संदेश --सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज S02, 11. ​विश्व शांति और एकता का संदेश  --सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज Reviewed by सत्संग ध्यान on 12:05:00 pm Rating: 5

S02, 10. ईश्वर की पहचान: इन्द्रियातीत ज्ञान और आत्म-साधना -सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसजी महाराज

ईश्वर की पहचान: इन्द्रियातीत ज्ञान और आत्म-साधना ​प्रभु प्रेमियों ! सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज अपने प्रवचन में ईश्वर की गूढ़ प्र...
- 11:32:00 am
S02, 10. ईश्वर की पहचान: इन्द्रियातीत ज्ञान और आत्म-साधना -सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसजी महाराज S02, 10. ईश्वर की पहचान: इन्द्रियातीत ज्ञान और आत्म-साधना -सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसजी महाराज Reviewed by सत्संग ध्यान on 11:32:00 am Rating: 5
S02, 9. आत्मनिर्भरता और एकता: महर्षि मेँहीँ परमहंस जी का जीवन दर्शन S02, 9. आत्मनिर्भरता और एकता: महर्षि मेँहीँ परमहंस जी का जीवन दर्शन Reviewed by सत्संग ध्यान on 8:47:00 am Rating: 5

S02, 8. ​गृहस्थी और वैराग्य का संग्राम: सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी के विचार

​गृहस्थी और वैराग्य का संग्राम: सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी के विचार      ​प्रभु प्रेमियों !  सतगुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज अपने...
- 8:04:00 am
S02, 8. ​गृहस्थी और वैराग्य का संग्राम: सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी के विचार S02, 8. ​गृहस्थी और वैराग्य का संग्राम: सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी के विचार Reviewed by सत्संग ध्यान on 8:04:00 am Rating: 5

S02, 7. ​संतमत: घर बैठे ईश्वर प्राप्ति और इच्छाओं का संतुलन --सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसजी महाराज

​संतमत: घर बैठे ईश्वर प्राप्ति और इच्छाओं का संतुलन ​     प्रभु प्रेमियों !  संतमत का मार्ग हमें एक अद्भुत सत्य से परिचित कराता है: ईश्वर प्...
- 6:27:00 am
S02, 7. ​संतमत: घर बैठे ईश्वर प्राप्ति और इच्छाओं का संतुलन --सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसजी महाराज S02, 7. ​संतमत: घर बैठे ईश्वर प्राप्ति और इच्छाओं का संतुलन  --सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसजी महाराज Reviewed by सत्संग ध्यान on 6:27:00 am Rating: 5

S02, 6. संतमत की विशेषता: बेद पुरान संतमत भाखौं - सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज

संतमत की विशेषता: बेद पुरान संतमत भाखौं संतमत की विशेषता: बेद पुरान संतमत भाखौं      प्रभु प्रेमियों !  संतमत की विशेषता: बेद पुरान संत...
- 5:20:00 am
S02, 6. संतमत की विशेषता: बेद पुरान संतमत भाखौं - सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज  S02,  6. संतमत की विशेषता: बेद पुरान संतमत भाखौं  - सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज Reviewed by सत्संग ध्यान on 5:20:00 am Rating: 5

​S02, 5. सत्संग में धर्मग्रंथों का पाठ: सभी संतों का एक ही मत – सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज

​सत्संग में धर्मग्रंथों का पाठ: सभी संतों का एक ही मत – सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के ये वचन धर्मग...
- 7:55:00 pm
​S02, 5. सत्संग में धर्मग्रंथों का पाठ: सभी संतों का एक ही मत – सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज ​S02, 5. सत्संग में धर्मग्रंथों का पाठ: सभी संतों का एक ही मत – सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज Reviewed by सत्संग ध्यान on 7:55:00 pm Rating: 5

S02, 4. सत्संग की महिमा: जब दारोगा भी बने सदाचार के समर्थक –सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज

​सत्संग की महिमा: जब दारोगा भी बने सदाचार के समर्थक – महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज महर्षि मेँहीँ: सत्संग का प्रशासन पर प्रभाव
- 6:02:00 pm
S02, 4. सत्संग की महिमा: जब दारोगा भी बने सदाचार के समर्थक –सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज S02,  4. सत्संग की महिमा: जब दारोगा भी बने सदाचार के समर्थक –सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज Reviewed by सत्संग ध्यान on 6:02:00 pm Rating: 5

S02, 3. सत्संग, सदाचार और समाज: देश, समाज और परिवार को क्या लाभ? -सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस

सत्संग, सदाचार और समाज: देश, समाज और परिवार को क्या लाभ? - महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महर्षि मेँहीँ: सत्संग और सदाचार का समाज पर प्रभाव
- 5:05:00 pm
S02, 3. सत्संग, सदाचार और समाज: देश, समाज और परिवार को क्या लाभ? -सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस S02, 3. सत्संग, सदाचार और समाज: देश, समाज और परिवार को क्या लाभ? -सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस Reviewed by सत्संग ध्यान on 5:05:00 pm Rating: 5

S02. 1. गुरु महाराज कैसे प्रसन्न होते हैं? सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी के अनमोल वचन

गुरु महाराज कैसे प्रसन्न होते हैं? सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी के अनमोल वचन प्यारे भाइयो ! ​सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के वच...
- 2:51:00 pm
S02. 1. गुरु महाराज कैसे प्रसन्न होते हैं? सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी के अनमोल वचन S02.  1. गुरु महाराज कैसे प्रसन्न होते हैं? सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी के अनमोल वचन Reviewed by सत्संग ध्यान on 2:51:00 pm Rating: 5

S01, 11. ध्यान - साधना में ज्योति और शब्द के ग्रहण की विशेषता || ध्यान-साधना का रहस्य। Start meditating

ध्यान - साधना में ज्योति और शब्द के ग्रहण की विशेषता ​परम पूज्य महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के विचारों के अनुसार, ध्यान - साधना में ज्य...
- 10:24:00 am
S01, 11. ध्यान - साधना में ज्योति और शब्द के ग्रहण की विशेषता || ध्यान-साधना का रहस्य। Start meditating S01,  11. ध्यान - साधना में ज्योति और शब्द के ग्रहण की विशेषता ||  ध्यान-साधना का रहस्य। Start meditating Reviewed by सत्संग ध्यान on 10:24:00 am Rating: 5

S01, 10. मेँहीँ सत्संग सुधा: मन को स्थिर करने का रहस्य || What is a self-centered mind?

10. आत्ममुखी मन और शरीर मुखी मन क्या है?       प्रभु प्रेमियों !  मन से मन को लगाकर मन स्थिर हो गया, मन से मन मिलकर रहा, तब अन्यत्र नहीं जात...
- 8:52:00 am
S01, 10. मेँहीँ सत्संग सुधा: मन को स्थिर करने का रहस्य || What is a self-centered mind? S01, 10. मेँहीँ सत्संग सुधा: मन को स्थिर करने का रहस्य  ||  What is a self-centered mind? Reviewed by सत्संग ध्यान on 8:52:00 am Rating: 5

S01, 9. सन्त दादू दयालजी महाराज के वचनों में ध्यान-अभ्यास और शब्द-साधना का रहस्य How to practice meditation?

सन्त दादू दयालजी: ध्यान-अभ्यास और शब्द ​    प्रभु प्रेमियों ! मनुष्य का मन स्वभाव से ही बहिर्मुख रहता है। वह हर समय संसार के विषयों में भटक...
- 7:12:00 am
S01, 9. सन्त दादू दयालजी महाराज के वचनों में ध्यान-अभ्यास और शब्द-साधना का रहस्य How to practice meditation? S01,  9. सन्त दादू दयालजी महाराज के वचनों में ध्यान-अभ्यास और शब्द-साधना का रहस्य How to practice meditation? Reviewed by सत्संग ध्यान on 7:12:00 am Rating: 5

S01, 8. ध्यान-साधना से परमात्मा की प्रत्यक्षता: सुषुम्ना मार्ग और आभ्यंतरिक वैज्ञानिक प्रयोग |

ईश्वर को कैसे प्राप्त किया जा सकता है?     प्रभु प्रेमियों  ! शरीर, इन्द्रियों और मायिक जड़-आवरण से चैतन्य आत्मा को अलग कर परमात्मा को पाना ...
- 6:47:00 am
S01, 8. ध्यान-साधना से परमात्मा की प्रत्यक्षता: सुषुम्ना मार्ग और आभ्यंतरिक वैज्ञानिक प्रयोग | S01,  8. ध्यान-साधना से परमात्मा की प्रत्यक्षता: सुषुम्ना मार्ग और आभ्यंतरिक वैज्ञानिक प्रयोग | Reviewed by सत्संग ध्यान on 6:47:00 am Rating: 5

S01, 7. संतमत का मूल सिद्धांत: अवर्णनीय परमात्मा और संतों की वाणी || What is the real name of god?

​ मेँहीँ सत्संग सुधा: परमात्मा का वास्तविक स्वरूप ​    प्रभु प्रेमियों ! परम पूज्य महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज फरमाते हैं कि मैं तो इस...
- 8:47:00 am
S01, 7. संतमत का मूल सिद्धांत: अवर्णनीय परमात्मा और संतों की वाणी || What is the real name of god? S01,  7. संतमत का मूल सिद्धांत: अवर्णनीय परमात्मा और संतों की वाणी || What is the real name of god? Reviewed by सत्संग ध्यान on 8:47:00 am Rating: 5

S01, 6. चैतन्य आत्मा और परमात्मा का यथार्थ स्वरूप: आवरणों से मुक्ति ही ईश्वर दर्शन है.

चैतन्य आत्मा ही परमात्मा को पहचानने का एकमात्र साधन है      प्रभु प्रेमियों ! ​अनादि आदि परम तत्त्व परमात्मा को किसी भौतिक साधन, बाहरी चश्...
- 8:09:00 am
S01, 6. चैतन्य आत्मा और परमात्मा का यथार्थ स्वरूप: आवरणों से मुक्ति ही ईश्वर दर्शन है. S01,  6. चैतन्य आत्मा और परमात्मा का यथार्थ स्वरूप: आवरणों से मुक्ति ही ईश्वर दर्शन है.  Reviewed by सत्संग ध्यान on 8:09:00 am Rating: 5

S01, 4. परमात्मा की सूक्ष्मता, सर्वव्यापकता और इन्द्रियातीत स्वरूप: महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के उपदेश

4. ईश्वर को सब कोई क्यों नहीं जान सकता है? प्यारे लोगो ! जो जितना विशेष व्यापक होता है , वह उतना ही सूक्ष्म होता है । परमात्मा अपनी सर्वव्या...
- 9:33:00 pm
S01, 4. परमात्मा की सूक्ष्मता, सर्वव्यापकता और इन्द्रियातीत स्वरूप: महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के उपदेश S01,  4. परमात्मा की सूक्ष्मता, सर्वव्यापकता और इन्द्रियातीत स्वरूप: महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के उपदेश Reviewed by सत्संग ध्यान on 9:33:00 pm Rating: 5

Ad 2

Blogger द्वारा संचालित.
बंद करें (X)
बंद करें (X)