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शब्दकोष-21 ज्ञानवान् - झूठ तक के शब्दों के शब्दार्थादि || संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष

संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष / ज

     प्रभु प्रेमियों ! ' संतमत+ मोक्ष - दर्शन का शब्दकोश ' नाम्नी प्रस्तुत लेख में ' मोक्ष - दर्शन ' + 'महर्षि मेंहीं पदावली शब्दार्थ भावार्थ और टिप्पणी सहित' + 'गीता-सार' + 'संतवाणी सटीक' आदि धर्म ग्रंथों में गद्यात्मक एवं पद्यात्मक वचनों में आये शब्दों के अर्थ लिखे गये हैं . कोष्ठकों में शब्दों के व्याकरणिक परिचय भी देने का प्रयास किया गया है और शब्दों से संबंधित कुछ सूक्तियों का संकलन किया गया है. जो पूज्यपाद लालदास जी महाराज द्वारा लिखित व संग्रहित  है । धर्मप्रेमियों के लिए यह कोष बड़ी ही उपादेय है । आईए इस कोष के बनाने वाले महापुरुष का दर्शन करें.

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सद्गुरु महर्षि में और बाबा लाल दास जी
लालदास जी और गुरु बाबाबाबा


ज्ञानवान् - झूठ    शब्द  तक के शब्द और उसके अर्थ


ज्ञानवान् - झूठ

 

ज्ञानवान् ( सं ० , वि ० ) =  बहुत ज्ञान रखनेवाला , बहुत विद्वान् । 

ज्ञानेन्द्रिय ( सं ० , स्त्री ० )  = वह इन्द्रिय जिससे संसार के विषय ( रूप , रस , गंध , स्पर्श या शब्द ) का ज्ञान प्राप्त होता है । ऐसी इन्द्रियाँ पाँच हैं ; जैसे आँख , कान , नाक , जिह्वा और त्वचा ।

ज्ञानोपार्जन ( सं ० , पुं ० ) = ज्ञान का उपार्जन , ज्ञान सीखने की क्रिया । 

ज्योति मंडल ( सं ० , पुं ० ) = शरीर के अन्दर का वह दर्जा या स्तर जहाँ अलौकिक प्रकाश की अवस्थिति है , सूक्ष्म जगत् , सूक्ष्म मंडल । 

 

झंकार ( सं ० , स्त्री ० ) = ध्वनि , आवाज , झनझन शब्द , झन झनाहट । 

झलकना ( स ० क्रि ० ) = दिखायी पड़ना । 

झिड़कना ( अ ० क्रि ० ) = डाँटना फटकारना , जली - कटी सुनाना , भला - बुरा कहना । 

झूठ ( वि ० ) = झूठ बात । असत्य । ( पुं ० ) झूठ बात।


टिकाकर - तमोगुण    तक के शब्दों का अर्थ पढ़ने के लिए   👉  यहां दवाएं


     प्रभु प्रेमियों ! संतमत की बातें बड़ी गंभीर हैं । सामान्य लोग इसके विचारों को पूरी तरह समझ नहीं पाते । इन पोस्टों  में संत , संतमत , संतमत की उपयोगिता , जड़ प्रकृति , चेतन प्रकृति , आदिनाद , सृष्टि - क्रम , सृष्टि के मंडल , जीव , ब्रह्म , ईश्वर , परमेश्वर , ईश्वर की भक्ति , परम मुक्ति , संतमत की साधना - पद्धतियों ( मानस जप , मानस ध्यान , दृष्टियोग तथा शब्द - साधना ) , साधना - पद्धतियों के अभ्यास से उत्पन्न अनुभूतियों , सद्गुरु की महत्ता , यम - नियम , साधकों के आहार-विहार, सत्संग,   ज्ञानवान्, ज्ञानेंद्रिय, ज्ञानोपार्जन, ज्योति-मंडल, झंकार, झलकना, झिड़कना, झूठ, आदि से संबंधित बातों पर चर्चा की गई हैं । 



मोक्ष दर्शन का शब्दकोश
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शब्दकोष-21 ज्ञानवान् - झूठ तक के शब्दों के शब्दार्थादि || संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष शब्दकोष-21  ज्ञानवान् - झूठ   तक के शब्दों के शब्दार्थादि || संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोष Reviewed by सत्संग ध्यान on 12/13/2021 Rating: 5

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