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MS12 सत्संग- सुधा भाग 1 || 18 प्रवचनों में विंदु ध्यान और नाद ध्यान सहित व्यवहारिक ज्ञान भी है

MS12  सत्संग- सुधा भाग 1

     प्रभु प्रेमियों ! महर्षि मेँहीँ साहित्य सीरीज की बारहवीं पुस्तक "सत्संग- सुधा भाग 1" है । इस पुस्तक में  सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज  बताते हैं कि  कबीर, दादू, नानक और वेद- उपनिषदों में वर्णित  विंदु-ध्यान और नाद ध्यान की बातें बिल्कुल सत्य है और जांचने पर प्रत्यक्ष  है । जो कोई इंसान इसको करेगा वह हमारे ही तरह अध्यात्मिक ज्ञान में ठोस होगा। आइये इस पुस्तक का अवलोकन करते हैं--

      महर्षि मेँहीँ साहित्य सीरीज की ग्यारहवीं  पुस्तक "भावार्थ सहित घट रामायण-पदावली" के बारे में जानने के लिए   👉 यहां दवाएँ। 


MS12 सत्संग-सुधाधा भाग 1
सत्संग-सुधा भाग 1

सत्संग-सुधा भाग 1 में क्या है? 

     प्रभु प्रेमियों ! 60 वर्षों से बिंदु-नाद की साधना करते हुए संत- साहित्य के प्रमाणों के आधार पर सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के अपने अट्ठारह प्रवचनों में सत्संग, ध्यान, ईश्वर, सद्गुरु, सदाचार एवं संसार में रहने की कला के बारे में बताये हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि वेद-उपनिषद एवं संत- साहित्य में वर्णित बातें बिल्कुल सत्य हैं और जांचने पर प्रत्यक्ष है। लोग इन साधनाओं को करके आप अपना इहलोक और परलोक के जीवन को सुखमय बना सकते हैं । जिन लोगों ने इसका अनुसरण किया वे धन्य धन्य हो रहे हैं 




इस पुस्तक के बारे में विशेष 
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    प्रभु प्रेमियों  ! इस पुस्तक के बारे में इतनी अच्छी जानकारी प्राप्त करने के बाद हमें विश्वास है कि आप इस पुस्तक को अवश्य खरीद कर आपने मोक्ष मार्ग के अनेक कठिनाईयों को दूर करने वाला एक सबल सहायक प्राप्त करेंगे., maharshi menhee pravachan, maharshi menhee baaba ka pravachan, maharshi menhee daas ka pravachan, maharshi menhee daas ka pravachan sunaie,   इत्यादि बातें।, आदि बातें।  इस बात की जानकारी अपने इष्ट मित्रों को भी दे दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें और आप इस ब्लॉग वेबसाइट को अवश्य सब्सक्राइब करेंजिससे आपको आने वाले पोस्ट की सूचना निशुल्क मिलती रहे और आप मोक्ष मार्ग पर होने वाले विभिन्न तरह के परेशानियों को दूर करने में एक और सहायक प्राप्त कर सकेनीचे के वीडियो  में सत्संग योग चारो भाग के बारे में और कुछ जानकारी दी गई है . उसे भी अवश्य देख लें. फिर मिलते हैं दूसरे प्रसंग के दूसरे पोस्ट में . जय गुरु महाराज !





सत्संग सुधा भाग 2
सत्संग सुधा भाग 2

     MS13. सत्संग सुधा , द्वितीय भाग - इसका प्रथम प्रकाशन 1964 ईस्वी।  ई0 में हुआ था। इसमें भी गुरु महाराज जी के 18 प्रवचनों का संकलन है। 60 वर्षों से बिंदु-नाद की साधना करते हुए संत- साहित्य के प्रमाणों के आधार पर सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज ने अपने इन अट्ठारह प्रवचनों में सत्संग, ध्यान, ईश्वर, सद्गुरु, सदाचार एवं संसार में रहने की कला के बारे में बताया है। साथ ही यह भी बताया है कि  वेद-उपनिषद एवं संत-साहित्य  में वर्णित  बातें  बिल्कुल सत्य हैं और जांचने पर प्रत्यक्ष है। लोग इन साधनाओं को करके आप अपना इहलोक और परलोक के जीवन को सुखमय बना सकते हैं ।  जिन लोगों ने  इसका अनुसरण किया वे धन्य धन्य हो रहे हैं ।  सत्संग-सुधा के दोनों भागों के पाठ से पाठकों को यह बोध होगा कि वेदों, उपनिषदों, गीता, सन्तवाणियों में सदा से ईश्वर-स्वरूप उसके साक्षात्कार करने की सद्युक्ति एवं अनिवार्य सदाचार-पालन के निर्देश बिल्कुल एक ही हैं।  मानव-जीवन के सर्वांगीण और पूर्ण विकास तथा कल्याण के लिए ईश्वर भक्ति या अध्यात्म-ज्ञान की अनिवार्य आवश्यकता है।    (  और जाने  )     

सद्गुरु  महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज की पुस्तकें निःशुल्क प्राप्त करने की शर्तें की जानकारी के लिए 👉 यहाँ दवाएँ 
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