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R01, रामचरितमानस में चरणरज की महिमा और प्रकार -सद्गुरु महर्षि मेंहीं

रामचरितमानस का सटीक ज्ञान प्रसंग /  01

     प्रभु प्रेमियों ! भारतीय साहित्य में वेद, उपनिषद, उत्तर गीता, भागवत गीता, रामायण आदि सदग्रंथों का बड़ा महत्व है। इन्हीं सदग्रंथों में से ध्यान योग से संबंधित बातों को रामायण से संग्रहित करके सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज ने 'रामचरितमानस सार सटीक' नामक पुस्तक की रचना की है। जिसका टीका और व्याख्या भी किया गया है । उन्हीं प्रसंगोों में से आज के प्रसंग में जानेंगे- गुरु महाराज के चरण रज की महिमा और चरण रज के प्रकार तथा चरण रज प्राप्ति के उपाय के बारे में

गुरुदेव और साहित्य,
गुरुदेव और साहित्य




गुरु चरण रज की महिमा

 गुरु महाराज के चरणों में जो राज होता है, वह तीन तरह का होता है। जिसे साधारण लोग, साधक तथा महापुरुष प्राप्त कर सकते हैं। इन रजों को धारण करने के क्या फल हैं, यह भी बताया गया है।  वह रज कैसे प्राप्त होगा? किन को प्राप्त होगा? किस अवस्था में प्राप्त होगा ? इन सारी बातों की पूरी जानकारी दी गई है।

गुरु चरण रज की महिमा
गुरु चरण रज की महिमा

गुरु चरण रज के प्रकार
गुरुचरण रज के प्रकार

चरण राज की प्राप्ति
चरण रज की प्राप्ति

विंदु ध्यान और चरण रज
विंदु ध्यान और चरण रज

R01, रामचरितमानस में चरणरज की महिमा और प्रकार -सद्गुरु महर्षि मेंहीं, विंदु ध्यान कैसे करें,
बिंदु ध्यान कैसे करें?

विंदू ध्यान की पूरी जानकारी
विंदु ध्यान की पूरी जानकारी

बिंदु ध्यान के लाभ
बिंदु ध्यान से लाभ

चरण रज प्रसंग समाप्त
चरण रज प्रसंग समाप्त

     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "रामचरितमानस सार सटीक" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि   गुरु महाराज के चरण रज की महिमा और चरण रज के प्रकार तथा चरण रज प्राप्ति के उपाय । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।

   
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R01, रामचरितमानस में चरणरज की महिमा और प्रकार -सद्गुरु महर्षि मेंहीं R01, रामचरितमानस में चरणरज की महिमा और प्रकार -सद्गुरु महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on अक्तूबर 07, 2018 Rating: 5

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