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R02, रामचरितमानस।।ज्ञान प्रसंग।।गुरु वंदना।। दृष्टियोग -सद्गुरु महर्षि मेंहीं

प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-R02,   प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "रामचरितमानस सार सटीक" के बंदना प्रसंग में गुरु वंदना करते हुए गुरु की बहुत महिमा का बखान किया है और सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज उसको हम लोगों के सामने हमारी समझ के भाषा के अनुसार रखें हैं । तो आइए गुरु महाराज का दर्शन करते हुए उनकेे बानी का पााठ करें।


ं।परिव्राजक महर्षि मेंही
परिव्राजक महर्षि मेंही



लेख चित्र एक
लेख चित्र एक
लेख चित्र दो
लेख चित्र दो

लेख चित्र समाप्त
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     प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "रामचरितमानस" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि "रामचरितमानस सार सटीक" के बंदना प्रसंग में गुरु वंदना करते हुए गुरु की बहुत महिमा का बखान के बारे में । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।
इस विडियो में गुरु महाराज का जो पुस्तक से पाठ किया गया है उसे पढ़ने के लिए        यहां दवाएं।


R02, रामचरितमानस।।ज्ञान प्रसंग।।गुरु वंदना।। दृष्टियोग -सद्गुरु महर्षि मेंहीं R02, रामचरितमानस।।ज्ञान प्रसंग।।गुरु वंदना।। दृष्टियोग -सद्गुरु महर्षि मेंहीं Reviewed by सत्संग ध्यान on 7/26/2018 Rating: 5

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