अंकुश का मतलब क्या होता है? महर्षि मेँहीँ शब्दकोश एवं रामायण के अनुसार अर्थ
प्रभु प्रेमियों! आध्यात्मिक यात्रा में शब्दों का सही अर्थ समझना बहुत आवश्यक है। आज हम 'अंकुश' (Ankush) शब्द की व्याख्या करेंगे, जो न केवल एक भौतिक यंत्र है, बल्कि हमारे मन पर नियंत्रण का भी प्रतीक है।
अंकुश का अर्थ
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अंकुश (सं०, पुँ०) = वह छोटा दुमुँहा भाला जिससे हाथी चलाया जाता है और वश में भी किया जाता है; दबाव, रोक।
अंकुश: व्याकरण और परिभाषा
अंकुश संस्कृत मूल का पुल्लिंग शब्द है। इसके मुख्य अर्थ नीचे दिए गए हैं:
- शाब्दिक अर्थ: वह छोटा दुमुँहा भाला या लोहे का काँटा जिससे पीलवान (महावत) हाथी को वश में रखता है।
- नाम का अर्थ: संयम, नियंत्रण और आत्म-अनुशासन।
- सांकेतिक अर्थ: किसी अधिकारी या व्यक्ति विशेष को प्राप्त नियंत्रण शक्ति या रोक।
रामायण में अंकुश का संदर्भ
गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामायण में अंकुश के माध्यम से मंत्र की शक्ति को बहुत ही सुंदर रीति से समझाया है:
"मंत्र परम लघु जासु बस, बिधि हरि हर सुर सर्ब।
महामत्त गजराज कहुँ, बस कर अंकुस खर्ब॥"
भावार्थ: जिस प्रकार एक अत्यंत छोटा सा मंत्र ब्रह्मा, विष्णु, शिव और समस्त देवताओं को वश में कर लेता है, ठीक उसी प्रकार एक नन्हा सा अंकुश विशाल और मतवाले गजराज (हाथी) को नियंत्रित कर लेता है।
महर्षि मेँहीँ शब्दकोश
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