जीवन-संदेश: ८६४ अनमोल सूक्तियों का संग्रह जो बदल सकता है आपका जीवन | पुस्तक समीक्षा
जीवन-संदेश: ८६४ अनमोल सूक्तियों का संग्रह जो बदल सकता है आपका जीवन | पुस्तक समीक्षा
आज के दौर में जहाँ मानसिक तनाव बढ़ रहा है, वहाँ "जीवन-संदेश" जैसी पुस्तकें हमें सही राह दिखाती हैं। लेखक छोटेलाल दास द्वारा रचित यह पुस्तक केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है।
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| जीवन-संदेश |
पुस्तक का परिचय और प्रकाशन विवरण
"जीवन-संदेश" का प्रथम संस्करण फरवरी २०१५ में प्रकाशित हुआ था। इसके प्रकाशक और वितरक श्री योगेन्द्र सिंह जी (संतनगर, बरारी, भागलपुर) हैं। पुस्तक का संकलन महर्षि मेँहीं आश्रम, कुप्पाघाट के मार्गदर्शन में अत्यंत शुद्धता के साथ किया गया है।
क्या है इस पुस्तक में खास?
यह लेखक की आठवीं पुस्तक है, जिसमें ८६४ स्वतःस्फूर्त सूक्तियों का अनूठा संकलन है। ये सूक्तियाँ निम्नलिखित विषयों पर आधारित हैं:
- शुच्याचार और शिष्टाचार: जीवन में स्वच्छता और व्यवहार की महत्ता।
- अध्यात्म और मोक्ष-धर्म: आत्मा के कल्याण और शांति का मार्ग।
- मनोविज्ञान और नीति: मानवीय स्वभाव और नैतिक कर्तव्यों की समझ।
लेखक के शब्द: एक विनम्र प्रयास
लेखक छोटेलाल दास जी के अनुसार, यह पुस्तक उन्होंने अपने और अन्य मुमुक्षु (मोक्ष चाहने वाले) जनों के मार्ग-प्रदर्शन के लिए छपवाई है। वे बड़ी विनम्रता से स्वीकार करते हैं कि सत्य पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार नहीं होता, जो सत्य एक को अनुभूत होता है, वह दूसरे को भी हो सकता है।
निष्कर्ष: आपको यह पुस्तक क्यों पढ़नी चाहिए?
यदि आप सत्य ज्ञान जानना चाहते हैं, जीवन की समस्याओं का समाधान ढूँढ रहे हैं और आध्यात्मिक साधना में अग्रसर होना चाहते हैं, तो प्रकाशक के शब्दों में— "इस पुस्तक को एक बार भी अवश्य पढ़ें"। आईये इस पुस्तक के मुख्य-मुख्य भग का
 | | जीवन-संदेश 1 |
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 | | जीवन-संदेश 2 |
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 | | जीवन-संदेश 3 |
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 | | जीवन-संदेश 4 |
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 | | जीवन-संदेश 5 |
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 | | जीवन-संदेश 6 |
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 | | जीवन-संदेश 7 |
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 | | जीवन-संदेश 8 |
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 | | जीवन-संदेश |
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LS40. अमृतवाणी
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