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S209(ग) 3. परम विंदु किस पेंसिल से बनती है? What is the ultimate point in meditation yoga?

3. परम विंदु किस पेंसिल से बनती है?  

धर्मानुरागिनी प्यारी जनता !

महर्षि मेँहीँ सत्संग सुधा सागर 209 ग
महर्षि मेँहीँ सत्संग सुधा सागर 209 ग
बीजाक्षरं परम विन्दुं नादं तस्योपरि स्थितम् ।
सशब्दं  चाक्षरे  क्षीणे  निःशब्दं परमं पदम् ।।
                                                    - ध्यानविन्दूपनिषद्

     वह विन्दु क्या है? 'तेजो विन्दुं परं ध्यानं विश्वात्म- हृदि संस्थितम्। (तेजोविन्दूपनिषद्)' अक्षर का बीज क्या है? अ, आ; A, B वा अलिफ, बे; कुछ लिखेंगे, तो पहले पेन्सिल जहाँ रखेंगे एक चिह्न होगा, उसको विन्दु कहते हैं। लेकिन यह परम विन्दु नहीं। परम विन्दु के लिए दूसरे पेन्सिल की जरूरत होती है, वह पेन्सिल है दृष्टि की। आपसे हम तक और हमसे आप तक दृष्टि आती-जाती है, लेकिन उस धार को देख नहीं सकते हैं।"



    प्रभु प्रेमियों ! सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसी महाराज का यह प्रवचन मुरादाबाद स्थित श्रीसंतमत सत्संग मंदिर कानून गोयान मुहल्ले में दिनांक १२.४.१९६५ ई० को अपराह्नकालीन सत्संग में हुआ था।  जिसमें उन्होंने उपरोक्त बातें कहा था। महर्षि मेँहीँ सत्संग सुधा सागर के सभी प्रवचनों में कहाँ क्या है? किस प्रवचन में किस प्रश्न का उत्तर है? इसे संक्षिप्त रूप में जानने के लिए  👉यहाँ दवाएँ। 



सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के विविध विषयों पर विभिन्न स्थानों में दिए गए प्रवचनों का संग्रहनीय ग्रंथ महर्षि मेंहीं सत्संग-सुधा सागर
महर्षि मेँहीँ सत्संग-सुधा सागर
     प्रभु प्रेमियों ! उपरोक्त प्रवचनांश  'महर्षि मेँहीँ सत्संग-सुधा सागर"' से ली गई है। अगर आप इस पुस्तक से महान संत सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस  जी महाराज के  अन्य प्रवचनों के बारे में जानना चाहते हैं या इस पुस्तक के बारे में विशेष रूप से जानना चाहते हैं तो    👉 यहां दबाएं।

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S209(ग) 3. परम विंदु किस पेंसिल से बनती है? What is the ultimate point in meditation yoga?  S209(ग)  3. परम विंदु किस पेंसिल से बनती है?  What is the ultimate point in meditation yoga? Reviewed by सत्संग ध्यान on 12:53:00 pm Rating: 5

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