संत धरनीदास की वाणी / 02
प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है। इसी कृति के संत धरनी दास की बाणी- 'एका एक मिलै गुरु पूरा'...' भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी पढेंगे। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज ने लिखा है। इसमें निम्न प्रश्नों के उत्तर दिया गया है संतों का पहाड़ा कैसा होता है? पहाड़ा कैसे लिखा जाता है?
types of continuing education.
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| संत धरनीदास जी और टीकाकार |
संतों का पहाड़ा, "एका एक मिलै गुरु पूरा,...
संत धरनी दास जी महाराज कहते हैं कि "पहाडा का पहला पाठ या एक एकाई एक यानि संत सतगुरु का मिलना और उनसे सच्चा ज्ञान प्राप्त करना है।.Counting studies, "एका एक मिलै गुरु पूरा,....." इसे अच्छी तरह समझने के लिए इस शब्द का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है; उसे पढ़े-
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| संत धरनीदास जी के पहाड़ा और शब्दार्थ |
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| संत धरनीदास जी के पहाड़ा का भावार्थ टिप्पणी |
प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "संतवाणी सटीक" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना किtypes of continuing education निरंतर शिक्षा के प्रकार? इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। निम्न वीडियो में उपर्युक्त लेख का पाठ करके सुनाया गया है।
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धरनी दास 02, Counting studies, "एका एक मिलै गुरु पूरा,..." भजन टीकाकार- पूज्य लालदास जी
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