प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के हिंदी प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S422, इसमें बताया गया है कि ध्यान योग से मन बस में होगा। ध्यान योग से मन बस में होता है। इस बात को समझाने के लिए एक भूत की कथा कही गयी हैं और ध्यान योग कैसे करना चाहिए ? ध्यान कैसे लगाए? मन को बस में करने का उपाय, मन को वश में कैसे करे, मन को बस में करने का मंत्र, एकाग्रता के लिए योग की आवश्कता आदि विषयों के बारे में भी बताया गया है। सुख से कैसे रहे इस पर भी चर्चा की गई है।
![]() |
| प्रवचन चित्र |
![]() |
| प्रवचन चित्र दो |
![]() |
| प्रवचन समाप्त |
प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि ध्यान योग से मन बस में होगा। ध्यान योग से मन बस में होता है। इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का संका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।
S422, ध्यान योग से मन बस में होगा+ गुरु महाराज के संस्मरण--सद्गुरु महर्षि मेंही
Reviewed by सत्संग ध्यान
on
6:53:00 am
Rating:
Reviewed by सत्संग ध्यान
on
6:53:00 am
Rating:



कोई टिप्पणी नहीं:
प्रभु प्रेमियों ! कृपया वही टिप्पणी करें जो आप किसी संतवाणी से प्रूफ कर सके या समझ बनी हो किसी ऐसी बानी का उपयोग न करें जिनसे आपका भी समय खराब हो और हमारा भी जय गुरु महाराज