प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S415, इसमें बताया गया है कि मनुष्य को सुख शांति कहां प्राप्त होगा। ईश्वर-भक्ति से ही देश में,समाज में सुख शांति आएगी। लोग सुख शांति के लिए बहुत तरह के प्रयास करते आ रहे हैं और करते रहेंगे। लेकिन असल में सुख शांति ईश्वर भक्ति से ही प्राप्त हो सकती है। यह बात अत्यंत रहस्य और दृढ़ता के साथ सिद्ध किया हुआ है । अतः गुरु महाराज ईश्वर भक्ति का प्रचार प्रसार पर ज्यादा जोर देने के लिए कहते हैं।
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| शांति संदेश कबर |
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| प्रवचन चित्र |
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| प्रवचन समाप्त |
प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि मनुष्य को सुख शांति कहां प्राप्त होगा। ईश्वर-भक्ति से ही देश में,समाज में सुख शांति आएगी । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का संका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।
S415, मनुष्य को सुख शांति कहां प्राप्त होगा -महर्षि मेंहीं
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