प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S352, इसमें बताया गया है कि वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों का सबसे बड़ा खोज क्या है। संतवाणी, वेद-उपनिषद, गीता आदि का ज्ञान हमें क्या बताता है? ईश्वर की भक्ति करना। कोई कहते हैं कि ईश्वर है । कोई कहते हैं कि दिखा दो, तो ईश्वर को माने । ईश्वर है कि नहीं इसकी खोज प्राचीन काल से होती आ रही है, और इसको संतों ने और हमारे धर्म शास्त्रों ने सिद्ध कर दिया है, कि ईश्वर अवश्य है। यही सबसे बड़ा खोज है। इस प्रवचन में यही बताया गया है।
![]() |
| गुरुदेव व अन्य महापुरुष |
![]() |
| प्रवचन चित्र |
![]() |
| प्रवचन समाप्ति चित्र |
प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के इस प्रवचन का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों का सबसे बड़ा खोज क्या है। । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का संका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस प्रवचन के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले प्रवचन या पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी।
S352, वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों का सबसे बड़ा खोज क्या है -महर्षि मेंहीं
Reviewed by सत्संग ध्यान
on
12:24:00 pm
Rating:
Reviewed by सत्संग ध्यान
on
12:24:00 pm
Rating:



कोई टिप्पणी नहीं:
प्रभु प्रेमियों ! कृपया वही टिप्पणी करें जो आप किसी संतवाणी से प्रूफ कर सके या समझ बनी हो किसी ऐसी बानी का उपयोग न करें जिनसे आपका भी समय खराब हो और हमारा भी जय गुरु महाराज