प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-'महर्षि मेंही सत्संग सुधा सागर' के प्रवचन नंबर S257, जिसमें "ज्योति और नाद द्वारा ईश्वर भक्ति कैसे करें" के बारे में बताया गया है। इस प्रवचन के पहले भाग को पढ़ने के लिए यहां दबाएं।
प्रवचन का पाठ करने के पहले आइए गुरु महाराज का दर्शन करें-
गुरुदेव निवास में गुरुदेव
प्रवचन चित्र 5
प्रवचन चित्र 6
प्रवचन चित्र 7
प्रवचन चित्र 8
प्रवचन समाप्त
प्रभु प्रेमियों ! आप लोगों ने गुरु महाराज के प्रवचन को पढ़कर समझ लिया होगा कि प्रभु भक्ति करने के लिए ज्योति और नाद की उपासना कितना जरूरी है । इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न है तो कमेंट करें।
S257, (ख) ज्योति और नाद द्वारा ईश्वर भक्ति कैसे करें
Reviewed by सत्संग ध्यान
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9:42:00 am
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प्रभु प्रेमियों ! कृपया वही टिप्पणी करें जो आप किसी संतवाणी से प्रूफ कर सके या समझ बनी हो किसी ऐसी बानी का उपयोग न करें जिनसे आपका भी समय खराब हो और हमारा भी जय गुरु महाराज
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प्रभु प्रेमियों ! कृपया वही टिप्पणी करें जो आप किसी संतवाणी से प्रूफ कर सके या समझ बनी हो किसी ऐसी बानी का उपयोग न करें जिनसे आपका भी समय खराब हो और हमारा भी जय गुरु महाराज