प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के हिंदी प्रवचन संग्रह "महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा सागर" के प्रवचन नंबर S377, जो जुलाई 1974 ई. के शांति संदेश में प्रकाशित है । जिसमें उन्होंने बताया है कि संतमत का सिद्धांत बहुत छोटा और बहुत बड़ा है । तो इस प्रवचन को पढ़कर जाने कि वह सिद्धांत क्या है ? प्रवचन पढ़ने के पहले गुरु महाराज का दर्शन करें-
सत्संग सुनते गुरुदेव
प्रवचन परिचय चित्र
प्रवचन चित्र 1
प्रवचन चित्र 2
प्रवचन चित्र 3
प्रवचन चित्र समाप्त
काम का महत्व
प्रभु प्रेमियों ! आप लोग उपर्युक्त प्रवचन को पढ़कर समझ गए होंगे कि संतमत का सिद्धांत क्या है और वह सिद्धांत कैसे छोटा और बड़ा है। इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंक या कोई प्रश्न है , तो कमेंट करें-
इस वीडियो में इसी प्रवचन का पाठ किया हुआ है।
S377, संतमतका सिद्धांत बहुत छोटा और बहुत बड़ा है -सद्गुरु महर्षि मेंहीं
Reviewed by सत्संग ध्यान
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4:46:00 am
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प्रभु प्रेमियों ! कृपया वही टिप्पणी करें जो आप किसी संतवाणी से प्रूफ कर सके या समझ बनी हो किसी ऐसी बानी का उपयोग न करें जिनसे आपका भी समय खराब हो और हमारा भी जय गुरु महाराज
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