प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-महर्षि मेंहीं प्रवचन संग्रह 'महर्षि मेंहीं सत्संग सुधा-सागर' के प्रवचन नं. 316 जिसमें गुरु महाराज ने भारत की राजधानी दिल्ली में बताने की कृपा किए थे कि मानस जप से आत्मबल बढ़ता है। तो आइए इस प्रवचन को पढ़े और सुने; इसके पहले गुरु महाराज का दर्शन करें-
ध्यानस्थ सद्गुरु महर्षि मेंही
प्रवचन परिचय चित्र
प्रवचन चित्र एक
प्रवचन चित्र दो
प्रवचन चित्र 3
प्रवचन चित्र 4
प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज का यह प्रवचन बहुत लंबा है अतः इसका दूसरा भाग दूसरे पोस्ट में पढ़गे। वहां तक जाने के लिए यहां दबाएं।
S316, (क) मानस जाप से आत्मबल बढ़ता है। -सद्गुरु महर्षि मेंही प्रवचन
Reviewed by सत्संग ध्यान
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8:53:00 am
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प्रभु प्रेमियों ! कृपया वही टिप्पणी करें जो आप किसी संतवाणी से प्रूफ कर सके या समझ बनी हो किसी ऐसी बानी का उपयोग न करें जिनसे आपका भी समय खराब हो और हमारा भी जय गुरु महाराज
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