प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं-महर्षि मेंही सत्संग सुधा सागर के प्रवचन नंबर 316 का शेष भाग को जिसमें गुरु महाराज ने बताने की कृपा की है मानस जप के बारे में । जप क्या है? जप कैसे करें ? जाप करने के फायदे क्या हैं ? प्रवचन पढ़ने के पहले गुरु महाराज का दर्शन करें-
प्रसन्न मुद्रा में गुरु महाराज
इस प्रवचन के पहले और दूसरे भाग को पढ़ने के लिए यहां दबाएं।
प्रवचन चित्र 10
प्रवचन चित्र 11
प्रवचन चित्र 12
प्रवचन चित्र 13
प्रवचन चित्र समाप्त
प्रभु प्रेमियों ! इन चित्रों के माध्यम से आप लोगों ने गुरु महाराज के प्रवचन को पढ़ा जो शांति संदेश में प्रकाशित था। उसी को मैंने आप लोगों की सेवा में उपस्थित किया है। इन चित्रों के पाठ से आप समझ गए होंगे कि मानस जप की क्या महिमा है और गुरु महाराज के क्या विचार हैं ? सत्संग ध्यान के प्रति। इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका है तो आप हमें कमेंट करें। नीचे वीडियो देखें जो इसी प्रवचन का पाठ है।
S316, (ग) मानस जाप की महिमा। -सद्गुरु महर्षि मेंही प्रवचन
Reviewed by सत्संग ध्यान
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11:18:00 am
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प्रभु प्रेमियों ! कृपया वही टिप्पणी करें जो आप किसी संतवाणी से प्रूफ कर सके या समझ बनी हो किसी ऐसी बानी का उपयोग न करें जिनसे आपका भी समय खराब हो और हमारा भी जय गुरु महाराज
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