प्रभु प्रेमियों ! सत्संग ध्यान के इस प्रवचन सीरीज में आपका स्वागत है। आइए आज जानते हैं- संतमत सत्संग का असली स्वरुप अर्थात संतमत सत्संग में मुख्य बात क्या है? इस विषय पर सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के निम्नांकित प्रवचन हैं, जो दो भागों में पोस्ट किया जा रहा है। पोस्ट का पहला भाग निम्नांकित है-
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| सद्गुरु महर्षि मेंही |
उपर्युक्त चित्र सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का है । जिनका प्रवचन नीचे प्रवचन परिचय चित्र के बाद दिया जा रहा है।
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| प्रवचन परिचय चित्र |
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| प्रवचन चित्र एक |
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| प्रवचन चित्र |
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| प्रवचन चित्र |
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| प्रवचन चित्र |
जिन लोगों को उपर्युक्त प्रवचन पढ़ने में दिक्कत होती है या किसी तरह का परेशानी है, उन से निवेदन है कि वह कृपया निम्नांकित वीडियो देखें-
प्रभु प्रेमियों! यह प्रवचन बहुत लंबा है और ब्लॉगर पोस्ट के हिसाब से एस.सी.ओ में कुछ दिक्कत होने के कारण शेष प्रवचन दूसरे पोस्ट में पढ़ेंगे। दूसरा पोस्ट पढ़ने के लिए यहां दबाएं।
S185, (क) संतमत सत्संग का असली स्वरुप क्या है -सद्गुरु महर्षि मेंही।
Reviewed by सत्संग ध्यान
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10:34:00 am
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नमस्ते जी! आप क्या कर रहे है ।
जवाब देंहटाएंजय गुरु महाराज ठीक है गुरु महाराज का सत्संग ध्यान करते रहना चाहिए
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